Essay on Global Warming in Hindi | ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध

दोस्तों आज हम आपको इस ब्लॉग में लिख कर देने वाले हैं, ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध अर्थात essay on global warming in Hindi। एक बहुत ही बड़ा समस्या है इसलिए हमारे स्कूल या कॉलेज में इस विषय पर निबंध लिखने के लिए दिया जाता है यह बहुत ही सामान्य विषय होता है स्कूलों में। तो चलिए शुरू करते हैं

100 शब्दों में ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध Essay on Global Warming in Hindi

वर्तमान समय में Global Warming हमारे देश में बहुत ही तेजी के साथ बढ़ रहा है। Global warming से देश में कई सारी समस्या उत्पन्न होती है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हमारी पृथ्वी के ऊपर ओजोन परत जो सूरज के पराबैगनी किरणों को धरती पर आने से रोकती है वह धीरे-धीरे कम होती जा रही है जिस वजह से सूर्य की पराबैंगनी किरणें सीधे हमारे धरती पर पड़ती है इससे मनुष्य और पेड़-पौधों को काफी हानि होती है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से सूरज की गर्मी का तापमान हम सभी धरती वासियों को झेलना पड़ रहा है।

300 शब्दों में ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध Essay on Global Warming in Hindi

ग्लोबल वार्मिंग Global Warming  यह एक बहुत ही समस्या बनता जा रहा है पूरे विश्व के सामने। ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ होता है हमारे वातावरण की गैसों में गरम गैसों की मात्रा बढ़ जाना। हमारे धरती के तापमान का जो सामान्य तापमान है उससे अधिक तापमान बढ़ जाने कोई ग्लोबल वॉर्मिंग कहा जाता है। जब हमारे वातावरण की गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा बढ़ जाती है तब ग्लोबल वार्मिंग होती है। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से कई सारी समस्याएं उत्पन्न होती है। अचानक चक्रवात आना ओजोन परत का घटना यह बहुत मेजर समस्याएं हैं ग्लोबल वार्मिंग होने के।

ग्लोबल वार्मिंग Global Warming होने का सबसे बड़ा कारण होता है ग्रीन हाउस से निकलने वाले गैसे। हमारे धरती पर जल प्रदूषण वायु प्रदूषण एवं ध्वनि प्रदूषण इतना अधिक बढ़ रहा है जिस वजह से ग्लोबल वार्मिंग और भी तेजी से बढ़ रही है। ग्लोबल वार्मिंग वायु प्रदूषण की वजह से अत्यधिक बढ़ती है। जब कंपनियों से निकलने वाले जहरीले धुएं हमारे धरती के वातावरण में मौजूद गैसों में मिलती है तब वहां की गैसों को भी प्रदूषित कर देते हैं जिससे ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ती जा रही है। ग्लोबल वार्मिंग में जल प्रदूषण का भी बहुत हाथ होता है। जब जल प्रदूषित होता है और उसका वाष्पीकरण होकर जब वह वातावरण में मौजूद गैसों में मिलते हैं तब भी ग्लोबल वार्मिंग होती है।

ग्लोबल वार्मिंग Global Warming  करने के लिए हम मनुष्य बहुत बड़ी वजह बनते हैं हर वक्त। हम जंगलों और पेड़ पौधों को इतनी तेजी के साथ काट रहे हैं जिस वजह से हमें शुद्ध हवा प्राप्त नहीं हो पा रही है और दिन प्रतिदिन जहरीली गैसे हमारे वातावरण के गैसों में मिलती जा रही हैं जिस वजह से ग्लोबल वार्मिंग आने वाले समय में बहुत बड़ी समस्या बनेगी।

500 शब्दों में ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध Essay on Global Warming in Hindi

पूरी दुनिया के सामने ग्लोबल वार्मिंग Global Warming एक बड़ी समस्या खड़ी होती जा रही है जिसे हम मनुष्य की वजह से भी ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है। मनुष्य के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं से भी ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती है। आज के मनुष्य आधुनिक साधनों का इतना उपयोग कर रहे हैं जिस वजह से कई तरह की तरह से और प्रतिक्रियाएं उसमें होती है जिस वजह से ग्रीन हाउस की कैसे बढ़ती जा रही है और यही ग्लोबल वार्मिंग का वजह बन रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियर जो 12 वर्ष बर्फ से ढका रहता था उनकी बर्फी पिघल कर समुद्र के पानी में मिलती जा रही हैं आप सिर्फ 25% ही ग्लेशियर बचा है ग्लोबल वार्मिंग कितनी खतरनाक हो सकती है यह इश्क बात से हमें अंदाजा लगा लेना चाहिए। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ओजोन परत जो हमें पराबैंगनी किरणों से बचाता था वह अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है जिस वजह से ग्लोबल वार्मिंग हम मनुष्यों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। जो ओजोन परत सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को बचाता था उसके कम होने की वजह से सूर्य पर पराबैगनी किरणे सीधा पड़ती है जो पेड़ पौधों एवं मनुष्य के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती हैं।

सन 2003 से सन 2013 तक ग्लोबल वार्मिंग इतनी बढ़ गई थी कि यह साल सबसे गर्म साल के रूप में जाना जाने लगा वर्तमान समय में ग्लोबल वार्मिंग का अस्तर थोड़ा कम है क्योंकि यह कम अर्थात खत्म नहीं हुई है। ग्लोबल वार्मिंग में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा बहुत अधिक होती है। जिस वजह से हम सभी मनुष्य को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं प्राप्त हो पाता है यदि इसी तरह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ता रहा तो भविष्य में आने वाला समय हम सभी मनुष्यों एवं प्राणियों के लिए सांस लेने की समस्या का सबसे बड़ा कारण हो जाएगा।

ग्लोबल वार्मिंग Global Warming में जल प्रदूषण एवं वायु प्रदूषण इनका भी बहुत ही बड़ा योगदान होता है। कंपनियों एवं फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले धोने जब हमारे वातावरण की गैसों में मिलती हैं तब वहां ऑक्सीजन गैस की मात्रा कम हो जाती है और जहरीली गैसे बढ़ने लगती है जिस वजह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती है। इसी तरह प्रदूषण भी ग्लोबल वार्मिंग करने में बहुत बड़ा कारण बनता है क्योंकि जब जल प्रदूषित होता है उसके बाद वाष्पीकरण होने के बाद वह गंदे पानी गंदी गैसों में तब्दील होकर वातावरण की गैसों में सम्मिलित होती है जिस वजह से वहां की कैसे प्रदूषित होती हैं और ग्लोबल वार्मिंग होती है।

ग्लोबल वार्मिंग में हमारे घर में इस्तेमाल किए जाने वाले एयर कंडीशन एवं फ्रिज का भी योगदान होता है। क्योंकि इनसे निकलने वाली गैसे वातावरण में जाकर मिलती है और यह कैसे बहुत ही खतरनाक गैसे होती है। मीथेन गैस की मात्रा बढ़ने से भी ग्लोबल वॉर्मिंग आ रही है । यद्यपि हम मनुष्य चाहे तो ग्लोबल वार्मिंग होने से रोक सकते हैं। यदि हम प्रतिदिन एक से दो वृक्ष लगाएंगे तो आने वाले समय में ग्लोबल वार्मिंग बहुत कम हो जाएगी क्योंकि पेड़ों से निकलने वाली गैस से बहुत ही शुद्ध होती हैं।

निष्कर्ष
इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि ग्लोबल वार्मिंग आने वाले समय में हम सभी मनुष्यों एवं प्राणियों के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। यदि हम पेड़ पौधे लगाएंगे तो आने वाला समय हमारे लिए बहुत ही अच्छा होगा और हम ग्लोबल वार्मिंग से बचे रहेंगे।

दोस्तों अभी हमने आपको इस ब्लॉग में लिख कर दिया essay on global warming in Hindi। यद्यपि आपको यह विषय पसंद आया हो तो आप हमें अन्य विषय पर भी निबंध लिखने के लिए सुझाव दे सकते हैं हम आपके द्वारा सुझाए गए विषय पर अवश्य ही निबंध लिखेंगे।

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