Essay on Climate Change in Hindi जलवायु में परिवर्तन पर निबंध हिंदी में

दोस्तों हम आपको इस ब्लॉग में लिख कर देंगे जलवायु में परिवर्तन पर निबंध हिंदी में अर्थात Essay on Climate Change in Hindi। जब हम कक्षा पांचवी छठी सातवीं आठवीं नौवीं दसवीं में होते हैं तब हमें इस तरह के विषय पर निबंध लिखने के लिए अक्सर ही दिया जाता है।तो चलिए शुरू करते हैं|

100 शब्दों में जलवायु में परिवर्तन पर निबंध Essay on Climate Change in Hindi

जलवायु में परिवर्तन का अर्थ है कि हमारे वातावरण में होने वाले अचानक बदलाव। वातावरण में बदलाव के बहुत सारे कारण हैं जिस वजह से अचानक अचानक जलवायु परिवर्तन होता है।आज के युग में आधुनिक तकनीकों एवं औद्योगिकीकरण इतना अधिक बढ़ चुका है जिस वजह से हमारे जलवायु में परिवर्तन अत्यधिक हो रहे हैं। हम नए-नए अविष्कार प्रतिदिन कर रहे हैं और इन आविष्कारों की वजह से कहीं ना कहीं हमारे जलवायु पर भी बहुत असर पड़ रहा है जिस वजह से जलवायु में परिवर्तन हो रहे हैं।

300 शब्दों में क्लाइमेट चेंज पर निबंध Essay on Climate Change in Hindi

वातावरण में जो जलवायु में परिवर्तन हो रहा है उसे ही अंग्रेजी में क्लाइमेंट चेंज कहते हैं। जलवायु परिवर्तन होने में बहुत सारे कारण है जो हम मनुष्य के वजह से ही हो रहे हैं। हम आज के युग में बहुत ही तेजी के साथ नए-नए आविष्कार प्रतिदिन बना रहे हैं जिस वजह से हमारे वातावरण में परिवर्तन अर्थात जलवायु में परिवर्तन हो रहे हैं। क्योंकि इन सभी आविष्कारों में कई ऐसे पदार्थ मिश्रित होते हैं जिन वजह से हमारे जलवायु में परिवर्तन होने लगता है।

जलवायु परिवर्तन होने की वजह से एक बहुत ही बड़ा खतरा हम मनुष्यों एवं धरती पर मंडरा रहा है। जलवायु परिवर्तन से हम सभी धरती वासियों को बहुत ही हानि पहुंचती है। जैसे हमारे धरती पर मुख्यतः तीन मौसम थे एक ठंडी दूसरी गर्मी और तीसरी बरसात, लेकिन इस जलवायु परिवर्तन होने की वजह से कभी भी किसी भी वक्त या फिर किसी भी मौसम में बारिश शुरू होने लगती है और धीरे धीरे ठंड का मौसम कम होते जा रहा है। और गर्मी का मौसम बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है। जलवा में परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण है ग्लोबल वार्मिंग इस वजह से ही जलवायु में परिवर्तन अधिक देखा जा रहा है।

Global warming की वजह से धरती पर सूर्य के किरणों का तापमान बढ़ता जा रहा है इसलिए धरती पर रहने वाले सभी प्राणियों को गर्मी के मौसम अत्यधिक देखने को मिल रहे हैं एवं सर्दी और बरसात के मौसम में कमी बढ़ती जा रही है। अगर इसी तरह जलवा में परिवर्तन होते रहे तो एक समय ऐसा भी आ जाएगा जब हमें सिर्फ गर्मी का मौसम ही देखने मिलेगा बरसात और सर्दी का मौसम बहुत कम ना के बराबर हो जाएगा। यह ध्यान ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ने से रोक लेंगे तो जलवायु में परिवर्तन कम होगा।

500 शब्दों में जलवायु परिवर्तन पर निबंध Essay on Climate Change in Hindi

जलवायु मैं परिवर्तन बहुत ही तेजी के साथ विकराल रूप लेता जा रहा है जिस वजह से धरती पर रहने वाले प्राणियों को कभी भी किसी भी मौसम का एहसास होने लगता है। जलवायु में परिवर्तन की वजह से ठंडी के मौसम में भी बरसात देखने को मिलती है और भी कई तरह के परिवर्तन जलवाए में हो रहे हैं।

जलवायु में परिवर्तन की वजह से हम सबको गर्मी के मौसम का एहसास अधिक हो रहा है अर्थात धरती पर गर्मी का मौसम अधिक दिनों तक रहता है जबकि बरसात और ठंडी का मौसम बहुत कम देखने मिल रहा है।

इन सभी मौसम में बदलाव होने के बहुत सारे कारण हैं जिसमें से एक पहला कारण है नए-नए आविष्कार। हम मनुष्य प्रतिदिन किसी ना किसी वस्तु का आविष्कार कर रहे हैं और उस आविष्कार में कैसे पदार्थ होते हैं जो हमारे वातावरण को क्षति पहुंचा सकते हैं लेकिन फिर भी हम वह आविष्कार करते हैं जिस वजह से जलवायु में परिवर्तन अधिक पर हैं। धरती प्रमुख 3 जलवायु है जिसमें सर्दी गर्मी और बरसात का मौसम है। लेकिन जलवायु परिवर्तन की वजह से इन तीनों मौसमों में कोई भी अंतर नहीं रह गया है। हमें सर्दी के मौसम में भी बरसात देखने को मिल जाती है एवं अब धीरे-धीरे बरसात और सर्दी का मौसम कम और गर्मी का मौसम अत्यधिक हो रहा है।

और इसका एक सबसे बड़ा कारण है ग्लोबल वार्मिंग जो हम मनुष्य प्रतिदिन बहुत ही तेजी के साथ बढ़ा रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से धरती के ऊपर बनी ओजोन परत धीरे-धीरे कम होती जा रही है जिस वजह से सूरज की पराबैगनी किरण डायरेक्ट अर्थात सीधे धरती पर पड़ रही है जिस वजह से गर्मी अधिक बढ़ रही है एवं वर्षा एवं सर्दी यह रितु एक कम देखने मिल रही हैं।

जलवायु का सबसे बड़ा दुष्परिणाम है पेड़ पौधों में कमी। बहुत सारे ऐसे पेड़ पौधे हैं जो किसी एक ही मौसम में उत्पन्न होते हैं अर्थात उन को नियंत्रित जलवायु की आवश्यकता होती है तभी वह धरती पर जीवित रहते हैं लेकिन जलवायु परिवर्तन की वजह से नष्ट हो जा रहे हैं जिस वजह से आने वाले भविष्य में ऑक्सीजन की कमी का संकट हम मनुष्यों एवं जानवरों को आ सकती है।

परिवर्तन की वजह से अंटार्कटिका जो हमेशा बर्फ से ढका रहता था वह धीरे-धीरे पिघल रहा है। परिवर्तन की वजह से बहुत सारे परिवर्तन हो रहे हैं इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण अंटार्कटिका है। जलवायु में परिवर्तन तभी होता है जब धरती का तापमान उसके सामान्य तापमान से अधिक हो जाता है। जलवा परिवर्तन की वजह से समुद्र के स्तर में भी बढ़ती हुई है।

क्योंकि ग्लेशियर की बर्फ ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पिघल कर समुद्र में मिल गई है जिस वजह से समुद्र के पानी का स्तर उसके सामान्य स्तर से बढ़ता जा रहा है इसी वजह से कई सारी सुनामी एवं बाढ़ आने की संभावना हमेशा बनी रहती है एवं बढ़ती ही जा रही है।

निष्कर्ष
इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि ग्लोबल वॉर्मिंग एवं नए नए आविष्कारों की वजह से हमारे धरती का तापमान और जलवायु सामान्य नहीं रह चुकी है उनमें बदलाव आ चुके हैं इस वजह से हमने सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दोस्तों अभी हमने इस ब्लॉग में पड़ा essay on climate change in Hindi अगर आपको यह विषय पसंद आया हो तो कमेंट करें और अन्य विषय पर निबंध चाहिए तो उसके लिए भी कमेंट कर दीजिए।

Leave a Comment