Essay on Child Rights in Hindi बाल अधिकारों पर निबंध

दोस्तों आज हम इस ब्लॉग में आपको लिख कर देंगे बाल अधिकारों पर निबंध अर्थात Essay on Child Rights in Hindi। जब हम स्कूल या कॉलेज में होते हैं तब हमें इस तरह के निबंध लिखने के लिए दिए जाते हैं। इसलिए मैंने यह ब्लॉग लिखा है।तो चलिए शुरू करते हैं

100 शब्दों में बाल अधिकारों पर निबंध Essay on Child Rights in Hindi

बाल अधिकार का अर्थ होता है कि जो बच्चे 18 वर्ष से कम आयु के हैं उनकी देखभाल और उन को सुरक्षित रखने को ही बाल अधिकार कहा जाता है। हमारे देश में बाल मजदूरी बाल विवाह भ्रूण हत्या यह अत्यधिक प्रचलित था इसलिए सरकार द्वारा बाल अधिकारों को लागू करना पड़ा। 20 नवंबर 2007 में बाल अधिकार अधिनियम लागू किया गया था पूरी तरह से। इसलिए 14 से 20 नवंबर तक बाल अधिकारों के रूप में मनाया जाता है। बाल अधिकार की घोषणा सन 1959 में ही कर दी गई थी लेकिन इसको लोगों ने 2007 में स्वीकार किया।

300 शब्दों में बाल अधिकारों पर निबंध Essay on Child Rights in Hindi

हमारे देश में 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों के लिए कई तरह के अधिनियम लागू किए गए हैं जिसे बाल अधिकार कहा गया है। सबसे पहले बाल दिवस 20 नवंबर 1954 को मनाया गया था उसके बाद पूरी तरह से सन 2007 में 20 नवंबर को इसे स्वीकार किया गया। बाल अधिकारों को इसलिए लाया गया क्योंकि भारत देश में बाल मजदूरी बाल विवाह भ्रूण हत्या इत्यादि अत्यधिक तेजी से बढ़ रहे थे। पिछले समय में लड़के और लड़कियों की बाल विवाह करा दी जाती थी एवं 14 साल से नीचे के बच्चों को मजदूरी कराया जाता था।

बच्चों की तस्करी उनकी सुरक्षा को नजर में रखते हुए यह अधिकार लाए गए। राष्ट्रिय आयोग द्वारा Ncpcr बाल अधिकार संरक्षण के लिए 18 वर्ष के आयु तक के बालक एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षा का कार्य करता है। बाल अधिकारों की घोषणा सन 1959 में कर दी गई थी लेकिन इसे पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया गया था फिर सन 2007 मैं 20 नवंबर को इसे पूरी तरह से स्वीकार किया गया जिसमें 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को मतदान छोड़कर सभी अधिकार प्रदान किए गए।

पिछले समय में बच्चों को पढ़ाई लिखाई से वंचित रखा जाता था एवं उनसे मजदूरी कराई जाती थी इसीलिए इस अधिकार में यह किया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी तरह के कार्य नहीं कराए जाएंगे। उनके जीवन के अधिकार पहचान भोजन पोषण एवं स्वास्थ्य विकास शिक्षा एवं मनोरंजन बच्चों के साथ दुर्व्यवहार एवं गैर कानूनी व्यापार बाल अधिकार में शामिल किए गए की इस तरह के कोई भी गैरकानूनी कार्य नहीं किए जाएंगे। बाल अधिकार बाल को एवं बालिकाओं के बाल विवाह एवं उनसे बाल श्रम एवं उनके साथ दुर्व्यवहार करने को खंडित करता है।

500 शब्दों में बाल अधिकार पर निबंध Essay on Child Rights in Hindi

हमारे देश में प्राचीन समय में बाल विवाह बाल श्रम भ्रूण हत्या बच्चों के साथ दुर्व्यवहार बच्चों की तस्करी इत्यादि बहुत अत्यधिक मात्रा में प्रचलित थी जिस वजह से 18 वर्ष से कम आयु की कोई भी बच्चे इस देश में सुरक्षित नहीं थे इसलिए भारत सरकार द्वारा बाल अधिकारों के अधिनियम को स्वीकार करना पड़ा जो सन 1959 में घोषित किया गया था। 20 नवंबर 1954 में पहली बार बाल दिवस मनाया गया उसके बाद हमारे देश में पूरी तरह से 20 नवंबर 2007 में इसे स्वीकार किया।

उसके बाद से हर साल 20 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। बाल अधिकार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सुरक्षा प्रदान करता है जब से यह अधिकार आए हैं तब से बाल विवाह भ्रूण हत्या बच्चों की तस्करी एवं बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने पर बहुत प्रतिबंध लगाए गए हैं जिस वजह से यह सभी चीजें बहुत कम मात्रा में हो रही हैं।

प्राचीन समय में बालको से बाल श्रम कराया जाता था उनकी आयु कितनी भी हो उनको दंडित एवं उनके साथ दुर्व्यवहार करते थे। एवं बालिकाओं को बाल विवाह कर दिया जाता था चाहे उनकी आयु 18 वर्ष से नीचे ही क्यों ना हो जब से बाल अधिकार आया है तब से ना ही बच्चों को किसी भी तरह का बाल श्रम कराया जा रहा है एवं तब से बाल विवाह भी बहुत कम हो रहे हैं।

किस अधिनियम के तहत कई सारे अधिकार बच्चों को दिए गए। इस अधिकार से सभी बालक एवं बालिकाओं को जीने का पूरा अधिकार दिया गया। सभी माता-पिता को अपने बालक एवं बालिकाओं को देखभाल करने एवं उनको अच्छी तरह से पोषण करने के लिए अधिकार दिए गए।

18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उनके परिवार के साथ ही रहने का अधिकार दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में जो बच्चे अशिक्षित हैं उनको इस अधिकार के तहत शिक्षा प्रदान की जा रही है क्योंकि 6 वर्ष से 14 वर्ष की आयु तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का यह अधिकार देता है। किसी भी बालक एवं बालिकाओं को अपने हक एवं किसी भी सामाजिक शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का अधिकार प्रदान करता है जिससे वह गलत हो रहे कामों के प्रति आवाज उठा सकते हैं और उसका विरोध कर सकते हैं।

इन अधिकारों के तहत हमारे देश में बढ़ते बाल श्रम बाल विवाह इत्यादि बहुत ही कम हो गए हैं जिससे कई बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करके अपना भविष्य उज्जवल बनाने की ओर एक कदम बढ़ा रहे हैं। जब किसी भी तरह की आपदाएं होती हैं तो पहला अधिकार बच्चों को दिया जाता है मदद पाने का। उनको इतनी स्वतंत्रता है कि वह किसी भी गतिविधि में अपनी इच्छा अनुसार सम्मिलित हो सकते हैं। बाल अधिकारों में बालक एवं बालिकाओं को यह भी अधिकार दिया है कि वह अपने माता पिता के समक्ष अपनी पसंद एवं मांग को समक्ष रख सकते हैं।

निष्कर्ष
इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि 18 वर्ष की अधिक उम्र के बच्चों को भी उतना ही अधिकार है जितना 18 वर्ष के अधिक उम्र के वयस्क बालक बालिकाओं को है। इस अधिकार से बहुत से बच्चों के जीवन में बहुत बदलाव आए हैं। दोस्तों अभी हमने पढ़ा essay on child rights in Hindi। अगर आपको इसी विषय की तरह अन्य विषय पर भी निबंध चाहिए तो आप कमेंट कर दीजिए हम उस विषय पर भी निबंध अवश्य लिखेंगे।

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