Essay on Child labour in Hindi बाल श्रम पर निबंध

दोस्तों आज हम इस ब्लॉग में आपको लिख कर देंगे बच्चों की मजदूरी पर निबंध अर्थात Essay on Child labour in Hindi। हमारे स्कूल में जब हम कक्षा 5वी छठवीं सातवीं आठवीं नवमी या दसवीं में होते हैं तब हमें इस विषय पर निबंध लिखने के लिए अक्षर दिया जाता है।
तो चलिए शुरू करते हैं इस विषय पर निबंध।

100 शब्दों में बाल श्रम पर निबंध Essay on Child labour in Hindi

हमारे देश में बाल मजदूरी वर्जित है। हमारे देश में 14 साल से नीचे की उम्र के बच्चों को मजदूरी नहीं कराई जाती जो बच्चे 14 वर्ष के ऊपर होते हैं उनको ही मजदूरी करा सकते हैं। पहले के समय में बाल मजदूरी बहुत होती थी जिसे देख कर हमारे सरकार ने बाल मजदूरी पर रोक लगा दिया अगर किसी को भी बाल मजदूरी कराते हुए पकड़े गए तो अत्यधिक मुआवजा और कई दिनों की जेल हो सकती है। बाल मजदूरी हमारे देश में गैर कानूनी है। बाल मजदूरी का यह अर्थ है कि बच्चों द्वारा मजदूरी कराया जाना।

300 शब्दों में बाल श्रम पर निबंध Essay in Hindi on Child Labour

बाल श्रम का अर्थ यह होता है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों को उनसे कारखानों फैक्ट्रियों एवं अन्य किसी स्थानों पर मजदूरी करवाना। बाल श्रम करने के लिए कुछ बच्चे अपने घर की परिस्थितियों के लिए मजबूर होते हैं और कई को पैसों का लालच देकर उनसे मजदूरी कराई जाती है ऐसा हमारे देश में पहले के समय में अत्यधिक होता था। इसलिए इस विषय को नजर रखते हुए हमारे सरकार ने यह निर्णय लिया है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी ना कराई जाए यदि ऐसा कोई करता है तो उसे अत्यधिक मुआवजा और कई दिन जेल में रहना पड़ सकता है।

जिन स्थानों पर शिक्षा का अभाव है वहां के बच्चे बहुत ही कम उम्र में बाल श्रम करने लगते हैं क्योंकि उनको पढ़ाई लिखाई के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं होती। बाल श्रम की वजह से कई बच्चे कम उम्र में जिन पलों को महसूस करना चाहिए उन से वंचित रह जाते हैं। बचपन में वह स्कूल जाना अपने दोस्तों के साथ कई तरह के खेल खेलना इन तरह की कई प्रकार के प्रक्रियाओं से वंचित रहते हैं। बाल मजदूरी की वजह से ही कई बच्चे शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते जिस वजह से उनका फ्यूचर मजदूरों के तेरा ही व्यतीत होता है।

हमारे देश में सभी को समान अधिकार है इसलिए सरकार द्वारा यह अधिनियम लागू किया गया किसी भी बच्चे को तब तक श्रम करने के लिए ना ही मजबूर किया जाएगा और ना ही उनसे कोई सम कराया जाएगा जब तक वह 14 वर्ष के नहीं हो जाते। यदि हमें अपने देश को बाकी के देशों से अधिक शक्तिशाली बनाना है तो इस देश में रहने वाले सभी बच्चों को पूर्ण शिक्षा प्राप्त होनी चाहिए क्योंकि शिक्षा के बिना जीवन का कोई भी आधार नहीं होता है।

500 शब्दों में बाल श्रम पर निबंध Essay on Child labour in Hindi

बाल श्रम एक बहुत ही बड़ा अपराध माना जाता है आज के समय में क्योंकि हमारे सरकार द्वारा यह अधिनियम लागू किया गया है कि किसी भी 14 वर्ष की कम उम्र के बच्चों को मजदूरी या किसी भी अन्य तरह के कार्य ना करा जाए। बाल श्रम हमारे देश में एक महामारी की तरह फैलता जा रहा था इसलिए सरकार द्वारा यह अधिनियम पास किया गया।

बाल श्रम की वजह से कुछ बच्चे अपने उम्र के सभी सुंदर पाल जैसे सुबह उठकर तैयार होकर स्कूल जाना अपने दोस्तों के साथ मिलकर भिन्न भिन्न प्रकार के खेल खेलना इन सब से वंचित रह जाते हैं। बाल श्रम की वजह से बच्चों का दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता उनका दिमाग सिर्फ मजदूरी कर सकता है एवं अन्य और कोई कार्य नहीं कर सकता।

कुछ माता-पिता पैसों की लालच की वजह से अपने बच्चों को कार्य करने के लिए मजबूर करते हैं ताकि वह काम करके उनको पैसा दे एवं कुछ ऐसे बच्चे होते हैं जो अपने घर की परिस्थितियों को देखकर बाल मजदूरी करने लगते हैं क्योंकि उनके परिवार को पैसों की अत्यधिक आवश्यकता होती है। बाल मजदूरी में उनका बहुत ही शोषण किया जाता है उन पर कई तरह के अत्याचार होते हैं जो इतनी कम उम्र के बच्चों के साथ नहीं किए जाने चाहिए।

बाल मजदूरी Child Labour ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक होती है क्योंकि वहां पर बच्चों को पूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का कोई भी जरिया या साधन मौजूद नहीं है क्यों यह जान सके कि पढ़ाई का कितना महत्व होता है हमारे जीवन में। उच्च शिक्षा प्राप्त होने की वजह से वह बाल श्रम करने लग जाते हैं और उनको बस पैसा ही नजर आता है। जो बच्चे कम उम्र में बाल श्रम करने लगते हैं वह अपना पूरा भविष्य मजदूरी करने में ही निकाल देते हैं क्योंकि शिक्षा से किए जाने वाले किसी भी कार्य में वह पारंगत नहीं होते।

बच्चों के माता-पिता (Parents) को अपने बच्चों को बाल मजदूरी ना करा कर उनको बचपन के उन सभी लम्हों का एहसास करने देना चाहिए जो उनको उस समय में आवश्यक होता है। अपने बच्चों की परवरिश अपने देखरेख में करें। बच्चों को सभी तरह की शिक्षा प्राप्त करने देना चाहिए वह जिस उम्र में काम करने लायक हो वह खुद ही कार्य करने लगेंगे।

14 साल तक सभी बच्चों को बस पढ़ाई लिखाई एवं खेलकूद एक करने चाहिए। कई मालिक बच्चों से बाल श्रम करवाते हैं यदि वह ऐसा करते हुए किसी भी और सिस्टर को दिखे तो उनको भारी मुआवजा भरना पड़ सकता है जिस वजह से आज के समय में हमारे भारत में बाल मजदूरी धीरे-धीरे कम होती जा रही है।

लेकिन अभी भी हमारे देश में पूरी तरह से बाल मजदूरी बंद नहीं हुई है अभी भी कई स्थानों पर बच्चों से कार्य कराए जाते हैं जिस वजह से आने वाला भविष्य हमारे देश और उन बच्चों का खराब हो सकता है। इसलिए हमें बच्चों से मजदूरी ना लेकर उनको पढ़ने लिखने और खेलकूद करने के लिए बोलना और मजबूर करना चाहिए जो बच्चा मजदूरी भी करने को इच्छुक हो उससे भी मजदूरी ना कराएं ताकि उनका और देश का भविष्य उज्जवल हो सके।

निष्कर्ष
इस ब्लॉग से यह निष्कर्ष निकलता है कि हमें बच्चों से श्रम ना करवा कर उनको खेलने और कूदने के लिए कहना चाहिए क्योंकि सभी बच्चों का जन्म सिद्ध अधिकार है कि वह अपनी उम्र में जब जो कार्य करना चाहिए वही करें। बच्चों को पूर्ण शिक्षा दिलाना चाहिए  दोस्त अभी हमने इस ब्लॉग में पढा essay on child labour in hindi । अगर या विषय आपको अच्छा लगा हो तो आप अन्य विषय भी हमें बता सकते हैं जो आपको जरूरत हो हम उस विषय पर अवश्य निबंध लिखेंगे।

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